बक्सर, 12 सितम्बर (विक्रांत) नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी और बिहार में बाढ़ से मची तबाही के बीच भाकपा-माले ने राहत अभियान तेज कर दिया है। देशव्यापी अभियान के तहत शुक्रवार को डुमरांव बाजार में पार्टी की नगर कमिटी की ओर से राहत संग्रह अभियान चलाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बाजार में घूमकर लोगों से आपदा पीड़ितों की मदद के लिए सहयोग देने की अपील की।राहत संग्रह अभियान में भाकपा-माले के जिला सचिव नवीन कुमार, डुमरांव सचिव कृष्णा राम, खेत मजदूर सभा के जिला नेता कन्हैया पासवान, सफाईकर्मी संघ के सचिव शंकर तिवारी, इंसाफ मंच के नेता जाबिर कुरैशी और युवा नेता सर्वेश कुमार पाण्डेय सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। पार्टी नेताओं ने कहा कि नेपाल में आई त्रासदी की भयावहता ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

करीब दो सप्ताह बाद भी वहां बचाव अभियान जारी है। पार्टी के अनुसार, इस आपदा में 1,355 लोगों की मौत, 13 हजार से अधिक लोगों के सुरक्षित निकाले जाने और पांच हजार से ज्यादा लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। माले नेताओं ने कहा कि बिहार में भी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। पार्टी के मुताबिक, 14 जिलों के करीब 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। सड़कों और बांधों के टूटने तथा ग्रामीण मार्गों के जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। कई परिवार तटबंधों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। भोजन, पेयजल और मवेशियों के चारे की समस्या गंभीर बनी हुई है। खेतों में खड़ी धान, मक्का सहित अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

पार्टी केंद्रीय कमिटी के आह्वान पर नेपाल त्रासदी और बिहार के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 11 से 15 सितंबर तक बाजारों और शहरी क्षेत्रों में राहत संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। माले नेताओं ने सरकार से बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत, चिकित्सा सुविधा, फसल क्षति का मुआवजा, मृतकों के परिजनों को सहायता तथा ध्वस्त मकानों के लिए आवास उपलब्ध कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ितों तक मदद पहुंचाना ही अभियान का मुख्य उद्देश्य है।














