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नालंदा में मातम: कुछ घंटों में एक ही परिवार में तीन मौतें, तीन मासूम हुए अनाथ, पूरे गांव में पसरा सन्नाटा

नालंदा, 19 जुलाई (अविनाश पांडेय) चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में रविवार को घटी एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गुस्से और आवेश में उठाए गए कथित आत्मघाती कदमों ने कुछ ही घंटों के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर हालत में इलाजरत है। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। सबसे मार्मिक दृश्य उन तीन मासूम बच्चों का रहा, जिनके सिर से एक ही दिन में माता-पिता का साया उठ गया।रविवार को गांव से 65 वर्षीय दिलेन्द्र तांती, उनके 40 वर्षीय पुत्र रंजीत तांती और 30 वर्षीय बहू गोरी देवी की एक साथ अंतिम यात्रा निकली। एक ही परिवार की तीन अर्थियां उठते देख पूरा गांव गम में डूब गया।

परिजनों की चीख-पुकार और मासूम बच्चों की बेबसी ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। पुलिस के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई, जब परिवार के सदस्य पुरुषोत्तम तांती ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें बचा लिया और इलाज के लिए निजी क्लिनिक में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।इसके बाद रंजीत तांती और उनकी पत्नी गोरी देवी ने गेहूं में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पहले गोरी देवी और फिर रंजीत तांती की मौत हो गई। इसी बीच परिवार के मुखिया दिलेन्द्र तांती ने भी घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर तीन मौतों से पूरा गांव स्तब्ध रह गया।मामले का सबसे संवेदनशील पहलू चार वर्षीय मासूम प्रिंस का बयान है। पुलिस के अनुसार बच्चे ने बताया कि उसके माता-पिता बाजार से सल्फास लाए थे। उसने यह भी कहा कि उसे भी वही दवा खिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने दवा फेंक दी, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस इस बयान की भी जांच के दौरान पड़ताल कर रही है।हिलसा डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव से जुड़े कुछ पहलू सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न कोणों से मामले की जांच की जा रही है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। इस त्रासदी ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है और गांव में हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे एक परिवार पलभर में पूरी तरह उजड़ गया।

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