पटना, 28 अप्रैल (अविनाश कुमार) राज्य के प्रशासनिक महकमे में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। आईएएस के साथ-साथ बिहार प्रशासनिक सेवा (बीएएस) के अधिकारियों को भी बड़े पैमाने पर इधर से उधर किया गया है। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर 11 अधिकारियों के तबादले और 18 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का ऐलान किया, जिससे विभागों में हलचल तेज हो गई है। जारी आदेश के अनुसार, लघु जल संसाधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी पुरुषोत्तम को औरंगाबाद का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है।

वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग में विभागीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रहीं किरण सिंह को जहानाबाद का बंदोबस्त पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके पास अरवल जिले की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के ओएसडी बुद्ध प्रकाश को सुपौल का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि उन्हें सहरसा में इसी पद का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पारुल प्रिया, जो पहले सामान्य प्रशासन विभाग में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी थीं, अब वैशाली जिले की बंदोबस्त पदाधिकारी होंगी।

इसी क्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ओएसडी विनोद कुमार तिवारी को पूर्णिया का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है, साथ ही किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। समाज कल्याण विभाग के ओएसडी संजय कुमार राय को जमुई और श्रम संसाधन विभाग के उपसचिव अखिलेश कुमार को सारण का बंदोबस्त पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। अन्य तबादलों में रोहतास के बंदोबस्त पदाधिकारी नवीन कुमार को कैमूर, भोजपुर के नीरज कुमार दास को बक्सर और लखीसराय के मो. मुस्तकीम को शेखपुरा का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। दस्तावेज सत्यापन के लिए विशेष प्रतिनियुक्ति बिहार तकनीकी सेवा आयोग के तहत स्टाफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भी प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, 29 अप्रैल से 12 मई तक यह कार्य चलेगा। इस दौरान विशाल आनंद, मनोज कुमार, पिंकी कुमारी समेत एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा गोपाल प्रसाद, अजीमुल्लाह अंसारी, देवश्री, सुनील कुमार, अविनाश कुमार, राज ऐश्वर्य श्री, ऐश्वर्य कश्यप, स्मृति कुमारी, मुकेश कुमार मुकुल, सत्येंद्र प्रसाद, कुमारी अनुपम सिंह और अमृता प्रीतम को भी इस कार्य में लगाया गया है। सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।













