बक्सर, 24 मई (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय में आधुनिक खेती को नई दिशा देने की पहल के तहत आयोजित छह दिवसीय “ड्रोन एवं एआई टेक्नोलॉजी बूटकैंप” का शनिवार को भव्य समापन हो गया। कृषि सूचना विज्ञान एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान केंद्र (CAIR) द्वारा Centre for Development of Advanced Computing के सहयोग से आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट कृषि प्रणालियों की गहन जानकारी दी गई। 18 मई से 23 मई 2026 तक चले इस हाईटेक बूटकैंप में कुल 43 छात्रों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रिसिजन एग्रीकल्चर, इंटेलिजेंट फार्मिंग और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना था। प्रतिभागियों को ड्रोन संचालन, एरियल सर्वेक्षण, मैपिंग तकनीक और कृषि में मानवरहित विमान प्रणाली (UAS) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति Dr. D.R. Singh के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उन्होंने कृषि शिक्षा में AI, मशीन लर्निंग और ड्रोन तकनीक के समावेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

परियोजना निदेशक Dr. Anshuman Kohli और परियोजना समन्वयक Dr. C.K. Panda ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को ड्रोन आर्किटेक्चर, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, सेंसर, एरियल इमेजिंग और प्रिसिजन फार्मिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही फसल स्वास्थ्य निगरानी, रोग पहचान, उत्पादन पूर्वानुमान और खरपतवार विश्लेषण जैसी AI आधारित तकनीकों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।

विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन और AI का समन्वय भविष्य की खेती को पूरी तरह बदल सकता है। इंटरएक्टिव डेमो और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के जरिए छात्रों ने आधुनिक कृषि तकनीकों की वास्तविक उपयोगिता को करीब से समझा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे तकनीक आधारित कृषि शिक्षा और नवाचार की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है।
















