नालंदा, 08 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले में लंबित राजस्व मामलों और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व महाअभियान एवं सहयोग पोर्टल से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन मामलों में म्यूटेशन अथवा परिमार्जन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें बिना किसी देरी के अंतिम रिकॉर्ड (एफआर) में परिवर्तित किया जाए।

यदि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है तो संबंधित पदाधिकारी तत्काल प्रक्रिया में तेजी लाएं और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करें। बैठक में बताया गया कि सहयोग पोर्टल पर प्राप्त लगभग 90 प्रतिशत मामले राजस्व विभाग से संबंधित हैं, जबकि शेष अन्य विभागों से जुड़े हुए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और जिले की रैंकिंग राज्य स्तर पर बेहतर बनी रहे। राजस्व महाअभियान की समीक्षा के दौरान हिलसा, सिलाव, बिहारशरीफ और इस्लामपुर अंचल के बेहतर प्रदर्शन की जिलाधिकारी ने खुलकर सराहना की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए अन्य अंचलों को भी उनसे सीख लेने की नसीहत दी।वहीं जिन अंचलों में अभियान की प्रगति 20 प्रतिशत से कम पाई गई, वहां के भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) और अंचल अधिकारियों को नियमित निगरानी करने, अभियान में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य जल्द हासिल करने का सख्त निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि राजस्व महाअभियान की सफलता सभी अधिकारियों की जवाबदेही और सक्रिय कार्यशैली पर निर्भर करती है, इसलिए किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।














