
समस्तीपुर, 05 सितम्बर (हर्षिता “अश्क”) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव अलौकिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण की चैतन्य झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई तथा उनके हस्तों से सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कराया गया। पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्ण भाई ने कहा कि संपूर्ण भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, लेकिन उनके वास्तविक जीवन परिचय से बहुत से लोग अब भी अनभिज्ञ हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण इस सृष्टि नाटक के हीरो एक्टर हैं और सतयुगी दुनिया के प्रथम महाराजकुमार हैं। वे सृष्टि रचयिता परमपिता परमात्मा की सर्वश्रेष्ठ रचना माने जाते हैं तथा सर्वगुण संपन्न, 16 कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी, मर्यादा पुरुषोत्तम और डबल अहिंसक स्वरूप के प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में होने वाले महाविनाश के पश्चात आने वाली सतयुगी दुनिया में श्रीकृष्ण का पुनः पदार्पण होगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अपने जीवन को सात्विक और सतोप्रधान बनाने का संकल्प लें। खान-पान, आहार-विहार और व्यवहार में पवित्रता अपनाकर जीवन को संपूर्ण रूप से सात्विक बनाने की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि आने वाली श्रीकृष्णपुरी में श्रेष्ठ प्रारब्ध की प्राप्ति हो सके।

इस अवसर पर सविता बहन ने जन्माष्टमी समारोह में पहुंचे सभी भाई-बहनों का स्वागत करते हुए उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। रंजना बहन, सोनिका बहन, पूजा बहन, आशा बहन और ओम प्रकाश भाई ने भी अपने विचार रखते हुए सभी को जन्माष्टमी की बधाई दी।समारोह में श्रीकृष्ण प्रश्नमंच का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मंजू अग्रवाल और सोनी बहन ने प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार अशोक भाई को मिला, जबकि तृतीय पुरस्कार राजकुमार भाई, कन्हैया भाई, सोनिका बहन, शक्ति बहन और खुशबू बहन के नाम रहा। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।














