नालंदा, 19 जुलाई (अविनाश पांडेय) बेन प्रखंड के गुरुशरणपुर गांव में रविवार का दिन शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बन गया। ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल (आदर्श विद्यालय) का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, विद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने समारोह को यादगार बना दिया।उद्घाटन के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल स्कूल की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य है कि गांव के बच्चों को भी शहरों जैसी उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी प्रतिभा का भविष्य प्रभावित न हो।उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रही है। विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विस्तार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और नई शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करे और बिहार का नाम देश-विदेश में रोशन करे।

मंत्री ने छात्र-छात्राओं से अनुशासन के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने तथा आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। वहीं अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें प्रतिदिन विद्यालय भेजने का आग्रह किया।विद्यालय प्रशासन ने बताया कि संस्थान में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय और बेहतर फर्नीचर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों को तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत होगी। उद्घाटन के बाद छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाध्यापक, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।














