पटना, 09 सितम्बर (पटना डेस्क) गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड की दिवनिया पंचायत के नौकाडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्था ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश होते ही विद्यालय परिसर जलजमाव की चपेट में आ जाता है और छोटे-छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। परिसर में जगह-जगह पानी और गंदगी जमा रहने से विद्यार्थियों के साथ-साथ रसोइया को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इसी जलजमाव और गंदगी के बीच बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार किया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका शोभा कुमारी के अनुसार विद्यालय में कुल 74 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 65 बच्चे उपस्थित रहते हैं। बारिश के बाद परिसर में पानी भर जाने से बच्चों को उसी पानी से होकर विद्यालय के अंदर आना-जाना पड़ता है।

इससे छोटे बच्चों के कपड़े और जूते गंदे हो जाते हैं। जलजमाव के कारण विद्यालय में प्रार्थना कराने में भी परेशानी होती है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि रसोईघर के आसपास भी पानी और गंदगी जमा रहती है। रसोइया को इसी प्रतिकूल माहौल में मध्याह्न भोजन तैयार करना पड़ता है। साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भोजन की स्वच्छता को लेकर भी चिंता बनी रहती है। गंदे पानी और मच्छरों के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा भी मंडरा रहा है। विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा और साफ-सफाई की समस्या और गंभीर हो गई है। परिसर खुला रहने के कारण व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं, विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते में पुलिया नहीं होने से बारिश के दिनों में बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है।

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक जलनिकासी, चारदीवारी और पुलिया की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीण गोवर्धन यादव ने विद्यालय में चारदीवारी, जलनिकासी और बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए पुलिया निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश बच्चे छोटे हैं, ऐसे में उन्हें गंदे पानी से होकर स्कूल भेजना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की है।













