पटना, 05 सितम्बर (अविनाश कुमार) बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गंगा के उफान के बीच पटना के गांधी घाट पर जलस्तर ने वर्ष 2016 के अधिकतम रिकॉर्ड को पार कर नया उच्चतम स्तर दर्ज किया है। स्थिति को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को जल संसाधन विभाग के कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंचकर राज्य में बाढ़ की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के बाद उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गंगा, पुनपुन, गंडक समेत विभिन्न नदियों के संवेदनशील स्थलों पर तैनात अधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।

अधिकारियों से बातचीत के दौरान विजय चौधरी ने बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। फिलहाल नदी की प्रवृति बढ़ने की बनी हुई है।उपमुख्यमंत्री के अनुसार गंगा के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि का मुख्य कारण सोन और घाघरा नदियों में अप्रत्याशित जलप्रवाह रहा। हालांकि सोन नदी का जलस्तर अब घटने लगा है, जबकि घाघरा नदी स्थिर है।

ऐसे में उम्मीद जताई गई है कि अगले 24 घंटे में स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ सकती है।जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और अभियंताओं की टीमें सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य स्थलों पर मुस्तैद हैं। प्रशासन का दावा है कि पानी को रिहाइशी इलाकों में प्रवेश करने से रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। तटबंधों की निगरानी और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।













