पटना, 27 अप्रैल (अविनाश कुमार) गंगा तट को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को आठवें दिन भी सख्त अभियान जारी रखा। गंगा नदी किनारे सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट के पीछे तक बने 35 पक्के अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि गंगा तट पर्यावरण और जनहित दोनों दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि गंगा किनारे की असर्वेक्षित भूमि पूरी तरह सरकारी संपत्ति है और इस पर निजी दावा मान्य नहीं है। कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा पक्के निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था, जिसे अब हटाया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आगे कोई नया अतिक्रमण न हो, इसकी सख्ती से निगरानी की जाए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अभियान में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गंगा तट के संरक्षण और शहर के समग्र विकास की योजना का हिस्सा है।

अधिकारियों ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुसार फ्लड प्लेन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई जरूरी हो गई।अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन यहां हरित क्षेत्र विकसित करने, पार्किंग व्यवस्था बनाने और सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने की योजना पर काम करेगा। पटना साहिब, गंगा पथ और अशोक राजपथ जैसे क्षेत्रों में पहले से ही विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पटना को एक सुव्यवस्थित, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।













