बक्सर, 19 सितम्बर (विक्रांत) भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर शनिवार को प्रखंड सभागार डुमरांव में विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार और महाजनी मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संगोष्ठी में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से चयनित कक्षा आठ से दस तक के 48 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।यह आयोजन प्रखंड संसाधन केंद्र के तत्वावधान में किया गया। बीआईटीएम कोलकाता के दिशा-निर्देश और एससीईआरटी पटना के तत्वावधान में आयोजित विज्ञान संगोष्ठी-2026 के लिए प्रखंड स्तर पर प्रतिभागियों का चयन किया जाना है।

इसी क्रम में विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों के बीच प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता कराई गई।कार्यक्रम में सबसे पहले प्रतिभागियों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा ली गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएं और चुनौतियां’ विषय पर अपने मौलिक विचार निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए। छात्रों ने ऊर्जा की बढ़ती जरूरत, भविष्य की चुनौतियों और संभावित समाधानों पर अपने विचार साझा किए।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सरस्वती विद्या निकेतन डुमरांव के शिक्षक विमल कुमार सिंह, मध्य विद्यालय पुराना भोजपुर मठिया के प्रधानाध्यापक जितेंद्र प्रसाद वर्मा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार सिंह, महाजनी मध्य विद्यालय डुमरांव के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र पाण्डेय, मध्य विद्यालय डुबुकी की शिक्षिका स्वाती, +2 महारानी उच्च विद्यालय डुमरांव की शिक्षिका ऊषा रानी और पूजा कुमारी शामिल रहीं। प्रतियोगिता में नेहरू स्मारक युगल सिंह उच्च विद्यालय की छात्रा रिया कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

सीपीएसएस उच्च विद्यालय डुमरांव के कनिष्क कुमार ने द्वितीय और उत्क्रमित उच्च विद्यालय कनझरुआं के कल्लू कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया।प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद सफल प्रतिभागियों को बधाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विमल कुमार सिंह ने किया। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। संगोष्ठी के माध्यम से छात्रों को ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं और वर्ष 2047 तक भारत के ऊर्जा भविष्य को लेकर अपनी सोच रखने का अवसर मिला।














