
समस्तीपुर, 18 सितम्बर (मोहम्मद जमशेद) सदर अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की कथित लापरवाही और इमरजेंसी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को महिला पुलिसकर्मी मालती कुमारी की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण के बाद मामले की जांच का आदेश दिया गया है।भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी, गायनिक और ओपीडी समेत कई विभागों में चिकित्सक व कर्मी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं।
गंभीर मरीज आने पर फोन से चिकित्सक को बुलाने की नौबत आती है। उन्होंने इलाज में टालमटोल, जांच प्रक्रिया में मनमानी और निजी क्लीनिकों में रेफर किए जाने की शिकायतों का भी आरोप लगाया।माले नेता ने दावा किया कि थाना को सूचना देने और फर्द बयान लेने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के बंद रहने पर भी सवाल उठाया और इसकी जांच की मांग की।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, शुक्रवार तड़के पेट दर्द की शिकायत के बाद मालती कुमारी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि चिकित्सकों और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की कथित अनुपस्थिति व लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।उन्होंने निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।














