पटना, 16 सितम्बर (अविनाश कुमार) मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने राज्य के 27 जिलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को जल्द ही राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष मंजूरी के लिए भेजे जाने की तैयारी है। योजना लागू होने पर युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, वर्तमान में 11 जिलों में 11 अल्पसंख्यक छात्रावासों के माध्यम से कंप्यूटर लैब संचालित की जा रही हैं। गया, किशनगंज, कटिहार, दरभंगा, खगड़िया, बेगूसराय, औरंगाबाद, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नवादा और रोहतास में पहले से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन कंप्यूटर लैब में डिजिटल मित्र और डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) जैसे पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

विभाग का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल और कंप्यूटर आधारित कार्यों में दक्ष बनाना है, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार में उपलब्ध अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठा सकें।अब योजना के विस्तार के लिए जिन 27 जिलों का प्रस्ताव तैयार किया गया है, उनमें अररिया, अरवल, बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर/भभुआ, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, नालंदा, पटना, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं। योजना का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर होने के बाद इन जिलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके जरिए अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण का स्थानीय स्तर पर अवसर मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि प्रस्तावित जिलों की सूची में बक्सर का नाम भी शामिल है।

इससे जिले के युवाओं को भी कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिल सकता है। विभाग का जोर युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके कौशल को रोजगारपरक बनाने पर है। अब सबकी नजर कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद 27 जिलों में कौशल विकास की इस पहल को जमीन पर उतारने का रास्ता साफ होगा।













