मुजफ्फरपुर, 15 सितम्बर (संतोष गुप्ता) बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना सिकंदरपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान सोनू कुमार और मोहम्मद जहांगीर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मुजफ्फरपुर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि एक निर्माणाधीन मकान में सेप्टिक टैंक बनाया गया था। टैंक की ढलाई में इस्तेमाल अस्थायी ढांचे को हटाने के लिए पहले एक मजदूर अंदर गया। उसके बाहर नहीं आने पर दूसरा मजदूर भी टैंक में उतर गया। दोनों जहरीली गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद काफी सावधानी से रस्सी की मदद लेकर दोनों शवों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों मजदूरों को बचाने के लिए तीसरा मजदूर दिनेश कुमार भी टैंक के अंदर गया था। वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश होने लगा। हालांकि स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों की तत्परता से उसे बाहर निकाल लिया गया। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के बाद से सेप्टिक टैंक करीब 15 दिनों से बंद था। ऐसे बंद टैंक में जहरीली गैस जमा होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद मजदूरों के अंदर जाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। एसडीपीओ सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की सभी कोणों से पड़ताल कर रही है। इसमें सुरक्षा मानकों के संभावित उल्लंघन के साथ-साथ मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मजदूरों को टैंक में













