पटना, 09 सितम्बर (अविनाश कुमार) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास को लेकर सरकार का विजन स्पष्ट करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले बिहार से होने वाला पलायन रोकने की दिशा में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। सरकार का फोकस बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षण संस्थानों, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आने वाले वर्षों में बिहार आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध होगा। एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने शराबबंदी, आरक्षण, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संबंध, चीनी उद्योग, फरक्का बैराज, पलायन और नेपाल से आने वाली बाढ़ समेत कई मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं साझा की। शराबबंदी को मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ऐतिहासिक फैसला बताया।

उन्होंने कहा कि इससे सरकार को करीब 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह निर्णय बिहार की महिलाओं के समर्थन में लिया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य की आधी आबादी शराबबंदी के पक्ष में है और सरकार इसे जारी रखेगी। हालांकि, जहरीली शराब को उन्होंने चिंता का विषय बताया। चीनी उद्योग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं। अगले पांच वर्षों में 25 चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य है। इससे गन्ना किसानों को स्थानीय बाजार और ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। आरक्षण के मुद्दे पर सम्राट चौधरी ने ऐतिहासिक वंचना का हवाला देते हुए कहा कि जिन वर्गों का सदियों तक शोषण हुआ, उनके लिए आरक्षण जारी रहना चाहिए।

उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के अतिपिछड़ों के लिए प्रस्ताव का कैलाशपति मिश्र द्वारा समर्थन और मंडल आयोग के समय अटल बिहारी वाजपेयी व लालकृष्ण आडवाणी के समर्थन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सवर्ण समाज के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया है। नीतीश कुमार से संबंधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 30 वर्षों से उनके साथ काम करते रहे हैं और कभी व्यक्तिगत विवाद नहीं रहा। उन्होंने नीतीश कुमार को अभिभावक और पिता के समान बताया। राजनीतिक गुरु के रूप में पिता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख किया। फरक्का बैराज समझौते पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश को पानी देने में बिहार को आपत्ति नहीं, लेकिन पीने, सिंचाई और उद्योगों के लिए राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। नेपाल से आने वाली बाढ़ पर उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की मदद से करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सरकार कोसी और गंडक के पूरे इकोसिस्टम को दुरुस्त कर बाढ़ के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है।













