बक्सर, 05 सितम्बर (विक्रांत) गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बक्सर जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। जल संसाधन विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार शनिवार 5 सितंबर 2026 को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 60.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 0.16 मीटर ऊपर है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।बाढ़ से बक्सर, चौसा, ब्रह्मपुर, सिमरी और चक्की अंचल के कई गांव प्रभावित बताए गए हैं। ग्रामीणों की आवाजाही और राहत कार्यों के लिए जिले में कुल 36 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। बक्सर अंचल में दो, चौसा में पांच, ब्रह्मपुर में सात, सिमरी में 17 और चक्की में पांच नावें लगाई गई हैं।

प्रभावित इलाकों में अब तक 853 पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है।बक्सर अंचल के छोटका नुआंव, गोविंदपुर, पुलिया, मिल्किया, करहंसी और जरीगांवा, जबकि चौसा के रामपुर तिवाय, सिकरौल, रोहनीभान, सोनपा, जलीलपुर और धर्मपुरा प्रभावित हैं। ब्रह्मपुर के ढाबी व गजाधर डेरा तथा चक्की के महाजी डेरा में भी बाढ़ का असर बताया गया है। सिमरी के श्रीकांत राय के डेरा, रामदास राय के डेरा, तवकल राय के डेरा, बेनीलाल के डेरा, टेकमन के डेरा, दादा बाबा के डेरा, लाल सिंह के डेरा और नियाजीपुर समेत कई क्षेत्र प्रभावित हैं। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रवण क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखने, लोगों को नदी किनारे नहीं जाने और बच्चों को पानी से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

जरूरतमंदों को तत्काल नियमानुसार राहत देने के साथ आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा करने को कहा गया है। आवश्यक स्थानों पर नाव, नाविक और गोताखोर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।बक्सर-कोइलवर तटबंध की 24 घंटे निगरानी और कटाव निरोधक कार्यों की तैयारी के निर्देश बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को दिए गए हैं। घाटों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। प्रशासन ने अवैध नाव परिचालन और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित अस्पतालों में दवाओं और चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, हैलोजन टैबलेट पहुंचाने तथा सिमरी-ब्रह्मपुर में बोट एम्बुलेंस चलाने को कहा गया है। कृषि क्षति का आकलन, पशु चारा व मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा, सुरक्षित बिजली आपूर्ति और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं।














