बक्सर, 05 सितम्बर (विक्रांत) शिक्षक दिवस के अवसर पर मां शांति देवी पूर्व प्रधानाध्यापिका स्मृति संस्थान, केसठ की ओर से शिक्षा और सामाजिक समानता को लेकर प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव, पूर्व प्रत्याशी राजद, डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के नेतृत्व में अनुसूचित जाति की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलम, कॉपी और मिठाई वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

मिडिल स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार सिंह, मध्य विद्यालय केसठ के शिक्षक मुन्ना प्रसाद, कन्या पाठशाला केसठ की शिक्षिका अंजू देवी तथा डिग्री कॉलेज केसठ के व्याख्याता नीतीश चन्द्र भानु को डायरी और कलम देकर सम्मानित किया गया।वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि नई पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा समाज में बदलाव और समानता का मजबूत माध्यम है। इसलिए शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान के साथ हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के संकल्प का अवसर भी है।
हर बेटी के हाथ में किताब और कलम का सपनासंस्थान की ओर से बताया गया कि स्वर्गीय मां शांति देवी शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मानती थीं। उनका कहना था, “जब तक बेटियां पढ़ेंगी नहीं, तब तक समाज आगे बढ़ेगा नहीं”। वे दलित, पिछड़े और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा को विशेष महत्व देती थीं। आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अपनी क्षमता के अनुसार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराती थीं।उनके निधन के बाद भी संस्थान उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि मां शांति देवी के लिए शिक्षा सामाजिक बदलाव का हथियार थी।

आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित परिवारों की बेटियां शिक्षा से वंचित न रहें, यही उनका सपना था। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर बेटियों को कलम और कॉपी देना उसी सोच को आगे बढ़ाने की पहल है। संस्थान शिक्षा की लौ को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करेगा।कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से शिक्षा और समानता के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कलम बांटना केवल शैक्षणिक सामग्री देना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर देना है।














