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अगर वंदे मातरम् का अपमान हुआ तो केस दर्ज करें: प्रशांत किशोर का बीजेपी पर सीधा हमला, बयानों से गरमाई सियासत

पटना, 17 अगस्त (अविनाश कुमार) वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच छिड़े सियासी विवाद में अब जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं विधायक प्रशांत किशोर भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पार्टी को वास्तव में लगता है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के गायन को रोकने या उसका अपमान करने की कोशिश की है, तो केवल बयानबाजी करने के बजाय उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा स्वयं को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताती है, जबकि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। ऐसे में दोनों दलों के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप का जवाब संबंधित दलों को ही देना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहती, लेकिन यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि उन्होंने जो वीडियो देखा है, उसमें वंदे मातरम् का गायन पूरा होता दिखाई देता है। बीच में किसने क्या कहा या किसने रोकने की कोशिश की, इसकी सच्चाई सरकार जांच के माध्यम से सामने लाए। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर राष्ट्रगीत के सम्मान को ठेस पहुंचाई है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रशांत किशोर ने भाजपा से सीधा सवाल किया कि यदि उसे पूरा विश्वास है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् का अपमान किया है, तो फिर उनके खिलाफ प्राथमिकी या मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक बयान देने से बेहतर है कि सरकार उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का उपयोग करे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे। गौरतलब है कि यह विवाद 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के एक वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के पूरे गायन पर आपत्ति जताई थी। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी राष्ट्रगीत को रोकने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मंगाने का संकेत दे रही थीं। इस विवाद के बीच प्रशांत किशोर के बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।

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