• Home
  • मुख्य समाचार
  • एक बेईमान, पूरा सिस्टम बदनाम: परीक्षा सुधार पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बनेगी हाई लेवल कमेटी, नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
Image

एक बेईमान, पूरा सिस्टम बदनाम: परीक्षा सुधार पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बनेगी हाई लेवल कमेटी, नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

पटना, 09 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को सरकार की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए स्पष्ट कहा कि अब तकनीक के इस दौर में केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र को मजबूत और जवाबदेह बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यदि एक व्यक्ति भी अपना ईमान बेच देता है, तो प्रश्नपत्र बाजार तक पहुंच सकता है और पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय और आधुनिक तकनीक को देखते हुए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी, जो परीक्षा प्रणाली की खामियों का अध्ययन कर सुधार के लिए ठोस सुझाव देगी।

समिति की सिफारिशों के आधार पर भविष्य की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।इस संबंध में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के विचारों को दोहराते हुए कहा कि सरकार परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि कोई एक व्यक्ति भी अपने कर्तव्य से समझौता करता है, तो उसकी वजह से पूरी सरकार की छवि प्रभावित होती है। इसलिए सरकार ने पहले ही सख्त कानूनी प्रावधान किए हैं और उनका बिहार में पूरी कठोरता से पालन कराया जाएगा।शिक्षा मंत्री ने बताया कि परीक्षा सुधार समिति का गठन जल्द किया जाएगा, जो प्रश्नपत्र की गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया सहित सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी।

इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक, नकल और अन्य गड़बड़ियों की कोई गुंजाइश न रहे।सरकार का मानना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली से मेधावी अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा और युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलेंगे। यही कारण है कि परीक्षा सुधार को अब प्रशासनिक प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट और सख्त रुख के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जहां ईमानदारी, पारदर्शिता और तकनीकी सुरक्षा के बल पर हर परीक्षा निष्पक्ष और भरोसेमंद बन सके।

Releated Posts

दुर्गा पूजा पर समस्तीपुर में हाई अलर्ट: पंडाल से विसर्जन तक कड़ी निगरानी, रावण दहन की सुरक्षा पर भी प्रशासन सख्त

समस्तीपुर, 13 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) दुर्गा पूजा, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन और रावण दहन को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

मुजफ्फरपुर में जमीन फर्जीवाड़े पर प्रशासन का शिकंजा: तत्कालीन सीओ महेंद्र शुक्ला गिरफ्तार, एसएसपी के एक्शन से मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर, 13 अक्टूबर (संतोष गुप्ता) जिले में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग के…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

दुर्गा पूजा पर बक्सर में प्रशासन अलर्ट: डीएम-एसपी ने पूजा स्थलों का लिया जायजा, भीड़ और सुरक्षा पर कड़ी नजर

बक्सर, 13 अक्टूबर (विक्रांत) दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर छात्राओं को किया जागरूक, क्विज में पुष्पम कुमारी ने मारी बाजी

समस्तीपुर, 13 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को महिला महाविद्यालय,…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 13, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top