• Home
  • राजनीति
  • चाहे पार्टी क्यों न बंद करनी पड़े मगर समझौता नहीं: बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा धमाका, सम्राट-तेजस्वी दोनों को दो टूक संदेश
Image

चाहे पार्टी क्यों न बंद करनी पड़े मगर समझौता नहीं: बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा धमाका, सम्राट-तेजस्वी दोनों को दो टूक संदेश

पटना, 04 अगस्त (अविनाश कुमार) बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में बड़ा संदेश देते हुए साफ कर दिया कि सत्ता के लिए वह अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करेंगे। एक प्रमुख न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या राजद नेता तेजस्वी यादव, किसी के साथ भी सत्ता के लिए समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो जन सुराज पार्टी बंद करना मंजूर होगा, लेकिन सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि उन्हें सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव के साथ जाना होता, तो वह पहले ही ऐसा कर चुके होते। उनका कहना था कि उनकी राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने की नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है।

उन्होंने कहा, “हम विधायक बनकर ठेका-पट्टा कमाने नहीं आए हैं। हार मंजूर है, जन सुराज बंद करना भी मंजूर है, लेकिन समझौता नहीं करेंगे।” बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह परिणाम भाजपा की रणनीतिक गलतियों का नतीजा है। उनके अनुसार पार्टी ने मतदाताओं को हल्के में लिया और कई ऐसे फैसले किए, जिनका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर के नतीजों ने यह संकेत दिया है कि बिहार की जनता ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया।प्रशांत किशोर ने भाजपा को आगाह करते हुए कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम या लालू यादव के डर के सहारे हमेशा चुनाव नहीं जीते जा सकते। उन्होंने कहा कि जब जनता को बेहतर विकल्प मिलता है, तो वह बिना देर किए अपना फैसला बदल देती है।

चुनाव प्रचार के दौरान कुछ नेताओं के उस बयान का भी उन्होंने जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि किसी को भी उम्मीदवार बना दिया जाए तो चुनाव जीत जाएगा। उनके मुताबिक, जनता ने ऐसे अहंकार का जवाब मतदान के जरिए दिया।अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर उन्होंने कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के एक-एक रुपये का पारदर्शी उपयोग होगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। यदि एक वर्ष के भीतर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो गरीब परिवारों के बच्चों की निजी अंग्रेजी स्कूलों की पढ़ाई का खर्च वह स्वयं उठाएंगे। साथ ही उन्होंने बांकीपुर के समग्र विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने और शिक्षा, रोजगार, पलायन रोकने तथा बिहार के आम लोगों की आवाज बनकर राजनीति करने का संकल्प दोहराया।

Releated Posts

सीमांचल-कोसी में BJP का संगठनात्मक मिशन तेज, बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने मैदान में उतरे अनंत नारायण मिश्र

पटना, 26 सितम्बर (पटना डेस्क) बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सीमांचल और कोसी क्षेत्र में संगठन…

ByByअशोक अश्क सितम्बर 26, 2026

बिहार की सियासत में बड़ा फेरबदल: विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने छोड़ी कुर्सी, अब JDU की नजर

पटना, 21 सितम्बर (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में सोमवार को बड़ा बदलाव सामने आया। विधान परिषद के…

ByByअशोक अश्क सितम्बर 21, 2026

आरक्षण पर NDA में महाभारत: चिराग ने मांझी-सुमन को घेरा, बोले- बदलाव चाहने वालों को पहले छोड़ना होगा पद

पटना, 29 अगस्त (अविनाश कुमार) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आरक्षण को लेकर बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन…

ByByअशोक अश्क अगस्त 29, 2026

बिना अनुमति प्रदर्शन पड़ा भारी: पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत 84 पर मुकदमा, संकल्प यात्रा रद्द कर पटना लौटे

पटना, 25 अगस्त (पटना डेस्क) कलेक्ट्रेट परिसर में बिना अनुमति प्रदर्शन और हंगामा करना विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी)…

ByByअशोक अश्क अगस्त 25, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top