मोतिहारी, 19 जुलाई (गौरव कुमार गुप्ता) पूर्वी चंपारण पुलिस ने अवैध कारतूस निर्माण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार फेनहारा थाना क्षेत्र के मड़पा मोहन निवासी श्रीकांत इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है, जिसने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे अवैध कारतूस बनाने की मिनी फैक्ट्री स्थापित कर रखी थी। पुलिस का मानना है कि एनएच के समीप फैक्ट्री लगाने का मकसद तैयार कारतूसों को आसानी से एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाना था। चकिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि श्रीकांत लंबे समय से अवैध कारतूस निर्माण और तस्करी के धंधे में सक्रिय था। उसके खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और कारतूस तस्करी के पांच मामले दर्ज हैं। वर्ष 2012 में भी वह इसी मामले में मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार होकर जेल जा चुका था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने फिर से इस अवैध कारोबार को शुरू कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम पहुंची और फैक्ट्री से आवश्यक नमूने एकत्र किए। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय अपराधियों को अवैध कारतूस की आपूर्ति करता था।पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की समीक्षा की और पूरे रैकेट में शामिल अन्य आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। अभियान में एसडीपीओ संतोष कुमार, चकिया थानाध्यक्ष धर्म प्रकाश कुमार, मेहसी थानाध्यक्ष शानू गौरव, फेनहारा थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे।

एसपी ने बताया कि मामले में यूएपीए एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार मुजफ्फरपुर और बेतिया के आपराधिक नेटवर्क से किस स्तर तक जुड़े थे। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान जारी है।














