बक्सर, 15 जुलाई (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के Sabour Agri Incubators (SABAGRIs) ने कृषि नवाचार और एग्री-उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा इनक्यूबेट किए जा रहे 18 हाई-पोटेंशियल एग्री स्टार्टअप्स ने जयपुर स्थित चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (CCS-NIAM) में आयोजित चयन एवं निवेश समिति (SIC) के समक्ष अपने अत्याधुनिक कृषि नवाचार, तकनीक आधारित बिजनेस मॉडल और विस्तार योजनाओं का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। यह प्रस्तुतीकरण प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत संचालित Innovation and Agri-Entrepreneurship Programme का अहम चरण था।

चयनित स्टार्टअप्स को उनके उत्पादों के व्यावसायीकरण, उत्पादन विस्तार और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट प्रदान की जाएगी। बैठक में Startup Agribusiness Incubation Programme (SAIP) के 11 तथा Agripreneurship Orientation Programme (AOP) के 7 स्टार्टअप्स सहित कुल 18 स्टार्टअप्स ने भाग लिया। इन स्टार्टअप्स ने मखाना आधारित मूल्य संवर्धित उत्पाद, कृषि अपशिष्ट से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, जैव उर्वरक, जैविक खेती, डिजिटल एग्रीटेक प्लेटफॉर्म, प्रिसिजन एग्रीकल्चर, डेयरी एवं मत्स्य पालन तकनीक, माइक्रोग्रीन्स, खाद्य प्रसंस्करण, सस्टेनेबल पैकेजिंग और किसानों के लिए डिजिटल सलाहकारी सेवाओं जैसे अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।

चयन एवं निवेश समिति की अध्यक्षता एग्री-बिजनेस विशेषज्ञ के. वी. अय्यर ने की। समिति के विशेषज्ञों ने प्रत्येक स्टार्टअप का तकनीकी स्तर, व्यावसायिक व्यवहार्यता, वित्तीय मजबूती, बाजार विस्तार क्षमता, बौद्धिक संपदा, निवेश आकर्षण और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों पर गहन मूल्यांकन किया। SABAGRIs की ओर से निदेशक अनुसंधान एवं प्रधान अन्वेषक डॉ. ए. के. सिंह, सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. दीपक कुमार पटेल तथा बिजनेस मैनेजर अमिता सिंह ने स्टार्टअप्स को निवेश प्रस्तुतीकरण, वित्तीय मॉडलिंग, व्यवसाय विकास और बाजार रणनीति तैयार करने में तकनीकी मार्गदर्शन दिया। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल अनुसंधान करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तकनीकों को उद्यमिता, निवेश और रोजगार से जोड़ना है।

उन्होंने विश्वास जताया कि SABAGRIs के स्टार्टअप्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की पहचान मजबूत करेंगे। डॉ. ए. के. सिंह ने कहा कि SABAGRIs प्रयोगशाला से बाजार तक कृषि नवाचारों को पहुंचाने का मजबूत मंच बन चुका है। समिति की अनुशंसाओं के बाद चयनित स्टार्टअप्स को मिलने वाली सीड ग्रांट से उत्पादों का व्यावसायीकरण, निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई गति मिलेगी। इससे बिहार कृषि नवाचार और एग्री-स्टार्टअप के राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर होगा।













