• Home
  • मुख्य समाचार
  • बिहार के 18 एग्री स्टार्टअप्स का राष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन: करोड़ों के नवाचार को मिल सकती है बड़ी उड़ान, 25 लाख तक की सीड ग्रांट की उम्मीद
Image

बिहार के 18 एग्री स्टार्टअप्स का राष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन: करोड़ों के नवाचार को मिल सकती है बड़ी उड़ान, 25 लाख तक की सीड ग्रांट की उम्मीद

बक्सर, 15 जुलाई (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के Sabour Agri Incubators (SABAGRIs) ने कृषि नवाचार और एग्री-उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा इनक्यूबेट किए जा रहे 18 हाई-पोटेंशियल एग्री स्टार्टअप्स ने जयपुर स्थित चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (CCS-NIAM) में आयोजित चयन एवं निवेश समिति (SIC) के समक्ष अपने अत्याधुनिक कृषि नवाचार, तकनीक आधारित बिजनेस मॉडल और विस्तार योजनाओं का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। यह प्रस्तुतीकरण प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत संचालित Innovation and Agri-Entrepreneurship Programme का अहम चरण था।

चयनित स्टार्टअप्स को उनके उत्पादों के व्यावसायीकरण, उत्पादन विस्तार और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट प्रदान की जाएगी। बैठक में Startup Agribusiness Incubation Programme (SAIP) के 11 तथा Agripreneurship Orientation Programme (AOP) के 7 स्टार्टअप्स सहित कुल 18 स्टार्टअप्स ने भाग लिया। इन स्टार्टअप्स ने मखाना आधारित मूल्य संवर्धित उत्पाद, कृषि अपशिष्ट से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, जैव उर्वरक, जैविक खेती, डिजिटल एग्रीटेक प्लेटफॉर्म, प्रिसिजन एग्रीकल्चर, डेयरी एवं मत्स्य पालन तकनीक, माइक्रोग्रीन्स, खाद्य प्रसंस्करण, सस्टेनेबल पैकेजिंग और किसानों के लिए डिजिटल सलाहकारी सेवाओं जैसे अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।

चयन एवं निवेश समिति की अध्यक्षता एग्री-बिजनेस विशेषज्ञ के. वी. अय्यर ने की। समिति के विशेषज्ञों ने प्रत्येक स्टार्टअप का तकनीकी स्तर, व्यावसायिक व्यवहार्यता, वित्तीय मजबूती, बाजार विस्तार क्षमता, बौद्धिक संपदा, निवेश आकर्षण और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों पर गहन मूल्यांकन किया। SABAGRIs की ओर से निदेशक अनुसंधान एवं प्रधान अन्वेषक डॉ. ए. के. सिंह, सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. दीपक कुमार पटेल तथा बिजनेस मैनेजर अमिता सिंह ने स्टार्टअप्स को निवेश प्रस्तुतीकरण, वित्तीय मॉडलिंग, व्यवसाय विकास और बाजार रणनीति तैयार करने में तकनीकी मार्गदर्शन दिया। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल अनुसंधान करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तकनीकों को उद्यमिता, निवेश और रोजगार से जोड़ना है।

उन्होंने विश्वास जताया कि SABAGRIs के स्टार्टअप्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की पहचान मजबूत करेंगे। डॉ. ए. के. सिंह ने कहा कि SABAGRIs प्रयोगशाला से बाजार तक कृषि नवाचारों को पहुंचाने का मजबूत मंच बन चुका है। समिति की अनुशंसाओं के बाद चयनित स्टार्टअप्स को मिलने वाली सीड ग्रांट से उत्पादों का व्यावसायीकरण, निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई गति मिलेगी। इससे बिहार कृषि नवाचार और एग्री-स्टार्टअप के राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर होगा।

Releated Posts

समस्तीपुर में शिक्षा की नई क्रांति: एक साथ खुले पांच नए महाविद्यालय, हजारों विद्यार्थियों के सपनों को मिली नई उड़ान

समस्तीपुर, 15 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) बिहार सरकार की उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पहल के…

समस्तीपुर में युवाओं के लिए बड़ा मिशन शुरू: एक महीने में 2 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य, सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

समस्तीपुर, 15 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) युवा शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मेरा…

समस्तीपुर में श्रमिकों को बड़ी सौगात: 27 मृत प्रवासी मजदूरों के आश्रितों को 54 लाख की सहायता, योजनाओं की दी गई जानकारी

समस्तीपुर, 15 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से मंगलवार को विधि…

11 साल से उधार के टीन शेड में हो रहा न्याय, डुमरांव व्यवहार न्यायालय के स्थायी भवन का सपना अब भी अधूरा

बक्सर, 15 जुलाई (विक्रांत) डुमरांव अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का अपना स्थायी भवन बनने का सपना 11 वर्षों बाद…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top