पटना, 10 जुलाई (पटना डेस्क) मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन से संपर्क पथ निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। खड़िया-कमैया सड़क से जुड़े कई पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने मुंगेर-भागलपुर सीमा स्थित घोरघट पुल के पास मुंगेर-भागलपुर एनएच-80 और फोरलेन सड़क को जाम कर दिया। सुबह आठ बजे शुरू हुआ आंदोलन करीब आठ घंटे तक जारी रहा, जिससे दोनों मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। ग्रामीणों ने घोरघट पुल के दोनों ओर बैरियर लगाकर एनएच-80 को बंद कर दिया। वहीं फोरलेन सड़क पर भी अवरोधक लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी।

प्रदर्शन स्थल पर करीब दो हजार ग्रामीण डटे रहे। जाम के कारण छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहे। कई पुलिस अधिकारियों के वाहन भी जाम में फंस गए, जिन्हें वापस लौटना पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मानवीय पहल दिखाते हुए एंबुलेंस को रास्ता दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला परिषद सदस्य दुर्गेश सिंह, मुखिया संजय कुमार सिंह, निरंजन चौधरी और अरुण कुमार समेत अन्य ग्रामीण नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से संपर्क पथ निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना था कि उपमुख्यमंत्री रहते सम्राट चौधरी को चार बार आवेदन दिया गया, सांसद को दो बार ज्ञापन सौंपा गया तथा फोरलेन निर्माण एजेंसी और दोनों जिलों के प्रशासन को भी कई बार अवगत कराया गया, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क पथ बनने से दर्जनों गांवों के लोगों को मुंगेर, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। फोरलेन बनने के बाद स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। जाम की सूचना पर बीडीओ विशाल कुमार, सीओ रवि कुमार और थानाध्यक्ष अमरेश कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन और वरीय अधिकारी के आने की मांग पर अड़े रहे। अंततः दोपहर करीब तीन बजे मुंगेर सदर एसडीओ कुमार अभिषेक ने शीघ्र संपर्क पथ निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया और यातायात सामान्य हो सका।













