मोतिहारी, 02 जुलाई (गौरव कुमार गुप्ता) मोतिहारी स्थित हनुमान शुगर मिल की जमीन की आड़ में सरकारी (गैरमजरुआ) भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए राजस्व महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने जिला राजस्व कार्यालय के प्रधान लिपिक प्रेम नारायण दिसवा समेत तीन कर्मियों को उनके वर्तमान पदों से हटा दिया है। विवादित खाता संख्या-109 की सरकारी भूमि को रोक सूची से हटाए जाने के बाद सामने आई अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के आदेश के तहत पिछले सात वर्षों से जिला राजस्व कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक प्रेम नारायण दिसवा को हटाने के साथ ही कुमारी ममता सिन्हा का तबादला राष्ट्रीय बचत कार्यालय तथा मुन्ना कुमार सिंह को जिला बैंकिंग शाखा भेज दिया गया है।

मुन्ना कुमार सिंह पर पूर्व में रिकॉर्ड रूम से गलत तरीके से दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने का आरोप लग चुका था। डीएम ने स्पष्ट किया कि यह फेरबदल प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इधर, वर्ष 2017 से अब तक के निबंधन अभिलेखों की जांच में जिला अवर निबंधन पदाधिकारी की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि वर्ष 2023 के बाद खाता-109 की भूमि की कोई नई वैध रजिस्ट्री नहीं हुई। इसके बावजूद यदि किसी ने मौखिक समझौते या आपसी एग्रीमेंट के आधार पर इस प्रतिबंधित सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री या निर्माण कराया है, तो उसे भू-माफिया की श्रेणी में मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने मोतिहारी सदर के अंचल अधिकारी और अमीन को पूरी भूमि का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। जहां भी अवैध कब्जा या निर्माण मिलेगा, उसे हटाने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। गौरतलब है कि यह विवाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा खाता-109 की गैरमजरुआ भूमि को भी रोक सूची से मुक्त किए जाने के फैसले से जुड़ा है। ऑनलाइन परिमार्जन के दौरान गड़बड़ी सामने आने पर 30 जून 2026 को पहली कार्रवाई अंचल स्तर पर हुई थी, जिसके बाद अब जिला मुख्यालय के कर्मचारियों पर भी प्रशासन की गाज गिर गई है।















