नालंदा, 01 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विधि शाखा के प्रधान सहायक नीलम चौधरी और उनके निजी मुंशी सुनील कुमार को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से अनुमंडल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।निगरानी विभाग के अनुसंधानकर्ता डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि परिवादी दिलीप नारायण सिंह ने 19 जून 2026 को निगरानी थाना, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हिलसा अनुमंडल कार्यालय में वाद संख्या 433 एम/2022 के तहत लंबित सिविल मामले में अनुकूल निर्णय दिलाने के एवज में प्रधान सहायक नीलम चौधरी ने अपने निजी मुंशी सुनील कुमार के माध्यम से रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या 78/26 दर्ज कर विशेष धावा दल का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत परिवादी को रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही परिवादी ने नीलम चौधरी के निर्देश पर निजी मुंशी सुनील कुमार को 22 हजार रुपये सौंपे, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।

जांच में पता चला कि रिश्वत की रकम में 20 हजार रुपये प्रधान सहायक और दो हजार रुपये निजी मुंशी के हिस्से के थे। निगरानी विभाग ने कार्रवाई के दौरान हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर ली है, जिसमें कथित रूप से रिश्वत लेने संबंधी निर्देश दर्ज हैं। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है।इस कार्रवाई के बाद हिलसा अनुमंडल कार्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल रहा। निगरानी विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
















