पटना, 29 जून (पटना डेस्क) सारण जिले के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा, योजना एवं लेखा) अजीत अमर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों को लेकर गंभीर जांच के घेरे में आ गए हैं। उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) को भेज दिया है।जांच रिपोर्ट के अनुसार, करीब 32 माह की सेवा अवधि में डीपीओ अजीत अमर को वेतन के रूप में लगभग 27.43 लाख रुपये प्राप्त हुए, जबकि इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन दर्ज होने की बात सामने आई है।

रिपोर्ट में इस असामान्य लेन-देन को गंभीर जांच का विषय बताया गया है। समिति की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डीपीओ की पत्नी के नाम पर एकमा प्रखंड में करीब 120 कट्ठा भूमि लगभग 41.50 लाख रुपये में खरीदी गई। इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से मकान निर्माण कराए जाने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई है। इन तथ्यों के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।इस पूरे मामले की शुरुआत एक संवेदक द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में कार्य दिलाने के नाम पर अवैध राशि मांगने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और डीपीओ के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्य भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में डीपीओ, उनकी पत्नी और अन्य परिजनों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराने की अनुशंसा की है। साथ ही संबंधित बैंकों, निबंधन विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकारों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर व्यापक जांच कराने की सिफारिश भी की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने बताया कि जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को भेज दी गई है। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई का निर्णय राज्य स्तर पर लिया जाएगा। मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।















