पटना, 24 जून (अविनाश पांडेय) बिहार की राजधानी पटना में बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कराने और बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रूपसपुर थाना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में दस्तावेज, ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड और हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण चंद, कर्ण कुमार, राज कुमार, अमित चौधरी और मनोज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी लंबे समय से बैंकिंग परीक्षाओं और नौकरी के नाम पर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

छापेमारी के दौरान 23 ब्लैंक चेक, विभिन्न बैंकों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, कई शैक्षणिक प्रमाणपत्र, एडमिट कार्ड, आठ मोबाइल फोन तथा अन्य संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह पटना के विजय नगर स्थित एक फ्लैट से अपने पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। आरोपी बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता दिलाने, प्रमोशन एग्जाम में सेटिंग कराने और बैंक में नौकरी सुनिश्चित कराने का दावा कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने और तकनीकी उपकरणों के जरिए नकल कराने जैसे अवैध तरीकों का भी इस्तेमाल करता था। दानापुर के एसडीपीओ शिवम धाकड़ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे कई और अहम खुलासे होने की संभावना है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह केवल बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी निशाना बना रहा था। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संभावित सहयोगियों और ठगी के शिकार युवाओं की संख्या का पता लगाने में जुटी है। रूपसपुर थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी या परीक्षा में सफलता के नाम पर किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।















