पटना, 23 जून (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। मामले को गंभीर मानते हुए तेज प्रताप यादव ने सोमवार देर रात पटना के सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अपने निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही अपने ड्राइवर अनिल यादव और उसके एक सहयोगी की भूमिका पर भी संदेह जताया है। पुलिस को दिए गए आवेदन में तेज प्रताप यादव ने बताया कि उनकी आलमारी से लगभग 20 लाख रुपये नकद के अलावा दो तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चार पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक लैपटॉप, एक आईफोन समेत कई कीमती सामान गायब हैं। सूत्रों के अनुसार चोरी हुए सामान में चार आईफोन, मैकबुक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। एफआईआर में दर्ज आरोप के अनुसार घटना वाली रात करीब साढ़े 11 बजे ड्राइवर अनिल यादव ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा था।

इसी आधार पर तेज प्रताप यादव ने अपने पीए पर चोरी का सीधा आरोप लगाया है।गौरतलब है कि इससे पहले भी तेज प्रताप यादव अपने पूर्व सहयोगी आकाश यादव और उनके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि आकाश यादव और उनके परिजन उनकी राजनीतिक एवं सामाजिक छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं। इतना ही नहीं, तेज प्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का भी आरोप लगाया था।अब आवास से लाखों रुपये और कीमती सामान की चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। सचिवालय थाना की टीम एफआईआर के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड ने राजधानी पटना में सनसनी फैला दी है।
















