पटना, 22 जून (अविनाश कुमार) राजधानी पटना में करोड़ों रुपये की हाईप्रोफाइल ठगी का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर दंपती को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए बिहार पुलिस के जवानों और उनके परिवारों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कदमकुआं के पश्चिमी लोहानीपुर निवासी आशुतोष कुमार सिंह और उसकी पत्नी रितु कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशुतोष ने डुमरांव कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर फर्जी फाइनेंस कंपनी का दफ्तर खोल रखा था।

दंपती ने अधिक मुनाफे का लालच देकर अब तक 27 पुलिसकर्मियों और उनके स्वजनों से करीब छह करोड़ रुपये की ठगी की है। हालांकि गिरफ्तारी के बाद लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, जिससे ठगी की रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपित पहले फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और निवेश पर असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का वादा करते थे। शुरुआती एक-दो महीने तक समय पर मोटी रकम भेजकर उनका विश्वास जीत लिया जाता था। इसके बाद जब निवेशक बड़ी रकम लगाने लगते या अपने परिचितों को जोड़ते, तो आरोपित भुगतान बंद कर फरार हो जाते थे। गिरोह ने पुलिस विभाग में पैठ बनाने के लिए चेन सिस्टम का सहारा लिया।

पीड़िता आराध्य पासवान ने बताया कि उन्होंने 14 लाख रुपये निवेश किए थे। शुरुआत में उन्हें हर महीने 50-50 हजार रुपये मिले, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। वहीं लखीसराय के सौरभ ने कर्ज लेकर सात लाख और बरसा कुमारी ने आठ लाख रुपये निवेश कर दिए, जो डूब गए।जब पीड़ितों ने संपर्क करने की कोशिश की तो सभी नंबर बंद मिले और दफ्तर पर ताला लटका मिला। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर दंपती को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि बैंक खातों, लेन-देन और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद लगातार पीड़ित सामने आ रहे हैं और मामले में कई बड़े खुलासों की उम्मीद है।















