नालंदा, 13 जून (अविनाश पांडेय) जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन कर ई-चालान की राशि जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कहा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और संबंधित चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रंजीत कुमार ने बताया कि ई-चालान व्यवस्था लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालक जुर्माना भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं। अधिकांश लोग तब ही चालान जमा करते हैं जब उन्हें वाहन से संबंधित कोई जरूरी कार्य, दस्तावेजों का नवीनीकरण या अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसी लापरवाही को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। डीटीओ के अनुसार, विभाग ने ऐसे सभी वाहनों की सूची तैयार कर ली है जिन पर तीन महीने या उससे अधिक समय से ई-चालान बकाया है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के 6,512 वाहनों पर कुल 13 करोड़ 55 लाख 69 हजार 955 रुपये का जुर्माना लंबित है, जो चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने बताया कि यदि वाहन मालिक छह माह के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करते हैं तो संबंधित वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। ब्लैकलिस्ट होने के बाद वाहन के कागजात अपडेट नहीं हो सकेंगे और न ही वाहन का स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकेगा। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से समय रहते बकाया ई-चालान जमा करने की अपील की है। विभाग ने बताया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये, शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना अथवा छह माह तक की जेल का प्रावधान है। वहीं तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं लगाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी भारी जुर्माना लगाया जाता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब नियम तोड़ने और जुर्माना भुगतान में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।














