नालंदा, 12 जून (अविनाश पांडेय) सहकारिता विभाग ने मिलरों को बड़ी राहत देते हुए कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी है। विभाग के इस फैसले से उन मिलरों को अतिरिक्त समय मिल गया है, जिन पर अभी भी चावल आपूर्ति का लक्ष्य पूरा करना बाकी है। हरनौत प्रखंड में फिलहाल 924 मीट्रिक टन सीएमआर राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदामों में जमा किया जाना शेष है। प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि चालू खरीद सत्र में हरनौत प्रखंड के एक व्यापार मंडल और 18 पैक्सों द्वारा कुल 7882 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी।

खरीदे गए धान के एवज में तिरूपति, मां जगदम्बा, मां भवानी और गंगाश्रीराम समेत विभिन्न राइस मिलों को कुल 5360 मीट्रिक टन चावल एसएफसी को उपलब्ध कराना था। उन्होंने बताया कि 11 जून तक मिलरों द्वारा 4436 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति कर दी गई है। पोआरी, चेरो और डिहरी पैक्स से जुड़े मिलरों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करते हुए पूरा चावल जमा कर दिया है। हालांकि अन्य मिलरों पर अब भी 924 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति बकाया है। बीसीओ ने कहा कि बकाया चावल पूरी तरह तैयार है, लेकिन एसएफसी के गोदामों में भंडारण क्षमता लगभग भर जाने के कारण चावल की उठाव प्रक्रिया धीमी हो गई है।

इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए विभाग ने समयसीमा में 15 दिनों का विस्तार किया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि गोदामों से लगातार चावल वितरण होने के कारण जल्द ही पर्याप्त जगह उपलब्ध हो जाएगी और 15 जून के बाद बकाया सीएमआर का उठाव तेज कर दिया जाएगा। ऐसे में 30 जून से पहले सभी मिलर अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे।















