पटना, 08 जून (पटना डेस्क) बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले दावे सामने आ रहे हैं। सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े मामले में जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए महंगे उपहार और विशेष सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाता था। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रिशु श्री कथित तौर पर अधिकारियों के साथ नजदीकी संबंध बनाने और प्रभाव स्थापित करने के लिए मुंबई और नेपाल से महिलाओं को बुलवाने की व्यवस्था करता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों को महंगे उपहार दिए जाते थे। सूत्रों के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी को एक लाख रुपये से अधिक कीमत का लग्जरी ‘मोंटब्लैंक’ पेन भेंट किए जाने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि उसी पेन का उपयोग उन्होंने अपने नए विभाग का कार्यभार ग्रहण करते समय किया था। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ अधिकारियों के परिवार के सदस्यों, विशेषकर उनकी पत्नियों तक महंगे उपहार पहुंचाए जाते थे। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन कथित संबंधों का उपयोग सरकारी टेंडरों को प्रभावित करने के लिए किया गया था।

इस मामले में सचिवालय स्तर के कुछ कर्मियों से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक की भूमिका की जांच की जा रही है।इधर, ईडी की नजर रिशु श्री और उससे जुड़े लोगों के विदेशी दौरों पर भी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि अरब और यूरोपीय देशों की कुछ यात्राएं केवल पर्यटन तक सीमित नहीं थीं। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इन यात्राओं का उपयोग कथित तौर पर अवैध धन के निवेश या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तो नहीं किया गया। फिलहाल ईडी और अन्य जांच एजेंसियां सभी आरोपों और दावों की गहन जांच में जुटी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
















