नालंदा, 07 जून (अविनाश पांडेय) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति के बाद कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा करने वाले पैक्सों और व्यापार मंडलों का करीब 87.99 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित रहने से जिले में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। हालांकि राज्य खाद्य निगम ने स्पष्ट किया है कि शेष भुगतान के लिए लगातार आवंटन की मांग की जा रही है और राशि उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। राज्य खाद्य निगम, नालंदा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पैक्सों एवं व्यापार मंडलों द्वारा पंजीकृत किसानों से खरीदे गए धान के विरुद्ध अब तक कुल 6,23,755.51 क्विंटल सीएमआर राज्य खाद्य निगम के विभिन्न अधिसूचित संग्रहण केंद्रों में जमा कराया जा चुका है। यह मात्रा कुल 2,150.88 लॉट के बराबर है।

जमा किए गए सीएमआर का कुल मूल्य 228.60 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। निगम मुख्यालय पटना से प्राप्त सीसी लिमिट एवं आवंटन के आधार पर अब तक 3,83,670 क्विंटल सीएमआर, जो 1,323 लॉट के बराबर है, के विरुद्ध कुल 141.10 करोड़ रुपये का भुगतान संबंधित पैक्सों एवं व्यापार मंडलों को किया जा चुका है। इसके बावजूद 2,40,085.51 क्विंटल सीएमआर, जो 827.88 लॉट के बराबर है, के बदले 87.99 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक लंबित है। भुगतान में देरी को लेकर पैक्स प्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों के बीच चिंता बढ़ रही है, क्योंकि बड़ी राशि फंसी रहने से वित्तीय दबाव की स्थिति बन रही है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 16.31 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट प्राप्त हुई है। वहीं शेष भुगतान के लिए राज्य खाद्य निगम मुख्यालय, पटना को लगातार मांग पत्र भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त सीसी लिमिट और आवंटन मिलते ही लंबित भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी तथा जमा किए गए सीएमआर के विरुद्ध बकाया राशि संबंधित पैक्सों एवं व्यापार मंडलों के खातों में भेज दी जाएगी। फिलहाल जिले के पैक्स और व्यापार मंडल राज्य मुख्यालय से अतिरिक्त आवंटन मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि करोड़ों रुपये के अटके भुगतान का रास्ता आई साफ हो सके।













