पटना, 26 मई (पटना डेस्क) भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित सहजौली गांव की बहू डॉ. अंशु ओझा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे बिहार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अमेरिका में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत डॉ. अंशु उस रिसर्च टीम का हिस्सा हैं, जिसने कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में सटीक पहचान करने वाली अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक विकसित की है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान Indian Institute of Technology Indore को नियर-इन्फ्रारेड फ्लोरेसेंस आधारित बायोइमेजिंग तकनीक और उसकी विशेष संरचना के लिए पेटेंट प्राप्त हुआ है।

वैज्ञानिकों के अनुसार यह तकनीक शरीर के अंदर मौजूद ऊतकों और अंगों की गहराई तक बेहद स्पष्ट और संवेदनशील इमेजिंग करने में सक्षम है। इससे डॉक्टरों को बीमारी की शुरुआती और सटीक पहचान करने में बड़ी मदद मिलेगी। डॉ. अंशु ओझा ने एमटेक और पीएचडी की पढ़ाई Indian Institute of Technology Indore से पूरी की है। वर्तमान में वह University of Maryland, Baltimore में वैज्ञानिक के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक पर अभी और शोध जारी है तथा इसे और अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। डॉ. अंशु अपने पति आईटी इंजीनियर नवीन कुमार ओझा के साथ अमेरिका में रहती हैं।

गांव सहजौली में उनके ससुर शिक्षाविद् डॉ. रामनंदन ओझा और श्यामनंदन ओझा ने इसे पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। गांव में इस उपलब्धि के बाद खुशी और उत्साह का माहौल है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, बायोमेडिकल रिसर्च और आधुनिक उपचार प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। समय रहते बीमारी की पहचान होने से मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इस शोध टीम में प्रो. शरद गुप्ता, प्रो. देवाशीष नायक, डॉ. सुमन बिसनाई और डॉ. अंशु कुमारी समेत कई वैज्ञानिक शामिल रहे।














