पटना, 25 मई (अविनाश कुमार) बिहार में विकास की रफ्तार को अब नई उड़ान मिलने जा रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार औद्योगिक और तकनीकी क्रांति के नए दौर में प्रवेश करने वाला है। राज्य सरकार ने विकास के पांच बड़े मोर्चों पर मेगा योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक ढांचा विकसित किया जा रहा है। अब तक करीब 8000 एकड़ जमीन उद्योगों के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि अगले चरण में 10 हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि लेने की तैयारी है।

माना जा रहा है कि इससे टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े उद्योग स्थापित होंगे और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार मक्का, मखाना, केला और शाही लीची जैसे उत्पादों को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में पांच मेगा फूड पार्क और 100 एमएसएमई पार्क विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी बढ़ेगा। युवाओं के लिए बिहटा में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर शुरू किया गया है, जहां आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर रोजगार मिले और पलायन रुके। शहरी विकास के तहत पटना, गया और भागलपुर समेत कई शहरों के दबाव को कम करने के लिए 11 नए सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप बसाए जाएंगे। इन शहरों में आधुनिक सड़कें, अस्पताल, स्कूल और डिजिटल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।वहीं हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर भी सरकार बड़ी तैयारी में जुटी है। पटना और गया एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना बनाई जा रही है। साथ ही सुल्तानगंज में विश्वस्तरीय इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एरोसिटी और लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से बिहार में निवेश, पर्यटन और व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
















