पटना, 17 मई (पटना डेस्क) बिहार पुलिस महकमे में शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। गृह विभाग ने बिहार पुलिस सेवा के 54 अधिकारियों का तबादला करते हुए नई तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बड़े बदलाव में साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध इकाई (EOU), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) और आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) को विशेष रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, आर्थिक घोटालों और संगठित अपराध पर लगाम कसने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।जारी अधिसूचना के अनुसार मोहम्मद अली अंसारी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (रेल) पद से हटाकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात), बिहार, पटना की नई जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं अशफाक अंसारी को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से स्थानांतरित कर पुलिस उपाधीक्षक, मद्यनिषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना में पदस्थापित किया गया है।इसी क्रम में मनोज राम चौधरी को मधुबनी से हटाकर अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना में अपर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं वंदना मुखर्जी को मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो में अपर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनूप प्रसाद को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में वरीय पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है, जबकि सुषमा गुरु कृष्ण को अपराध अनुसंधान विभाग, पटना में नई तैनाती मिली है।सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई को भी मजबूत करने के लिए कई अनुभवी अधिकारियों को वहां भेजा है।

महेश चौधरी, नीलाभ कृष्ण, अशोक कुमार, दीपानंद कुमार, विजय कुमार गुप्ता, अरुण शर्मा और मणिकांत कुमार जायसवाल समेत कई अधिकारियों को EOU, पटना में पदस्थापित किया गया है।वहीं साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार ने विशेष सतर्कता दिखाई है। कई अधिकारियों को साइबर क्राइम थानों और तकनीकी इकाइयों में नई जिम्मेदारी दी गई है। आलोक कुमार को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), बिहार, पटना में तैनाती मिली है।गृह विभाग ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। इस बड़े फेरबदल के बाद बिहार पुलिस की कार्यशैली में तेजी और अपराध नियंत्रण में नई रणनीति देखने को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
















