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आंगनबाड़ी सेविका का बेटा बनेगा स्पेस स्टार, इसरो के युविका 2026 में चयन से गांव में जश्न का माहौल

पटना, 03 मई (पटना डेस्क) मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड स्थित मोहनपुर चौमुख गांव से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गर्व से भर दिया है। आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 134 की सेविका के पुत्र सुधांशु कुमार का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के महत्वाकांक्षी ‘युविका 2026’ कार्यक्रम में होने से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और हर कोई इस उपलब्धि को इलाके के लिए गौरव का क्षण बता रहा है।सुधांशु की कहानी संघर्ष और संकल्प की मिसाल है। बचपन में ही उनके सिर से पिता ललित शर्मा का साया उठ गया था।

वर्ष 2012 में पति के निधन के बाद उनकी मां किरण कुमारी ने बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने इकलौते बेटे की परवरिश की। आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। यही मेहनत आज रंग लाई है। सुधांशु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहारीगंज प्रखंड के मानसरोवर ज्ञान निकेतन, बभनगामा से प्राप्त की। पहली से पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास की और जवाहर नवोदय विद्यालय, सुखासन (मधेपुरा) में दाखिला लिया। यहीं पढ़ाई के दौरान, नौवीं कक्षा में रहते हुए उन्होंने ‘युविका’ कार्यक्रम की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

खास बात यह है कि पूरे मधेपुरा जिले से चयनित होने वाले वह एकमात्र छात्र हैं। अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति गहरी रुचि रखने वाले सुधांशु का सपना वैज्ञानिक बनना है। वह देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं। उनका कहना है कि ‘युविका’ कार्यक्रम उनके सपनों को पंख देने का काम करेगा। इस वर्ष देशभर से 5 लाख 30 हजार से अधिक छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें से मात्र 456 छात्रों का चयन किया गया है। चयनित छात्रों को 11 से 22 मई 2026 तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के बेंगलुरु केंद्र में आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस दौरान वे सैटेलाइट, रॉकेट लॉन्च और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी बारीकियों को नजदीक से समझेंगे। अपनी इस सफलता का श्रेय सुधांशु ने अपनी मां और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि आगे चलकर वह वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। इस उपलब्धि पर मुखिया मुन्नी देवी, पंसस कंचन कुमारी, उपमुखिया वरुण कुमार उर्फ मंटू यादव समेत कई गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सुधांशु की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

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