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इंजीनियरिंग कॉलेजों में नौकरी की गारंटी पर फोकस, डिप्टी सीएम विजय चौधरी का बड़ा एक्शन प्लान

पटना, 28 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) राज्य में तकनीकी शिक्षा की तस्वीर बदलने और इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए सरकार अब मिशन मोड में उतर गई है। डिप्टी सीएम सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने समीक्षा बैठक में साफ कहा कि अब केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर नौकरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता होगी। बैठक में विभागीय योजनाओं, कॉलेजों की वर्तमान स्थिति, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों की नियुक्ति और साइंस सिटी व तारामंडल की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई तक पहुंचाना होगा।प्लेसमेंट सेल होगा और मजबूत डिप्टी सीएम ने सभी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट सेल को सशक्त बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है, जिसके लिए कॉलेजों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। एनबीए मान्यता पर खास जोर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी तकनीकी संस्थान National Board of Accreditation (NBA) से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करें।

इसके लिए विभाग स्तर पर अलग सेल गठित करने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया गया। एनबीए एक्रेडिटेशन मिलने से संस्थानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। छात्रों की देखभाल और नई पहल उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाए और अभिभावकों के सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाए। संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल्स’ की नियुक्ति पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। साइंस सिटी और तारामंडल में तकनीकी नवाचार बैठक में साइंस सिटी और तारामंडल को और आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिया कि नई तकनीकों का उपयोग कर वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाई जाए और रिसर्च संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। क्या है एनबीए एक्रेडिटेशन प्रक्रिया? एनबीए मान्यता के लिए संस्थानों को ‘प्री-क्वालीफायर’ और ‘सेल्फ अप्रैजल रिपोर्ट’ जमा करनी होती है। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम कॉलेज का निरीक्षण करती है और मानकों पर खरा उतरने पर मान्यता प्रदान की जाती है। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इन सख्त और ठोस कदमों से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों के प्लेसमेंट में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

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