बेगूसराय, 28 अप्रैल (धर्म कुमार) शहरवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों को अब जल्द ही ‘जाम से आज़ादी’ मिलने वाली है। एनएच-31 के बेगूसराय टाउन सेक्शन में बन रहा फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर और एट-ग्रेड सुधार कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 4.225 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 255.99 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था और पहले इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

हालांकि अब संशोधित समयसीमा के तहत मई 2026 तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अभिषेक के अनुसार, इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम से निजात दिलाना है। बेगूसराय औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला है, जहां बरौनी रिफाइनरी, उर्वरक संयंत्र और बिजली उत्पादन इकाइयों के अलावा कई छोटे-बड़े उद्योग संचालित होते हैं। इन उद्योगों के कारण हर दिन भारी वाहनों का दबाव सड़कों पर बना रहता है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।

लोगों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और माल ढुलाई की प्रक्रिया भी तेज व व्यवस्थित हो सकेगी। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई गति मिलेगी। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की एक खासियत यह भी है कि यह औंटा-सिमरिया परियोजना के तहत बने गंगा नदी पुल से सीधा और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आसपास के इलाकों का विकास तेज होगा।फिलहाल परियोजना में फिनिशिंग कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि समय पर काम पूरा कर लिया जाएगा। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चला, तो आने वाले कुछ ही महीनों में बेगूसराय की सड़कों पर जाम का झंझट इतिहास बन सकता है।













