नई दिल्ली, 27 अप्रैल (अशोक “अश्क”) देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। मई 2026 की शुरुआत के साथ ही LPG सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और कीमतों में बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है। वैश्विक ऊर्जा संकट और मध्य-पूर्व में जारी तनाव के चलते गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है, जिसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। सूत्रों के मुताबिक Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी तेल कंपनियां नए नियमों पर मंथन कर रही है।

उम्मीद है कि 1 मई से LPG की कीमतों में फिर संशोधन किया जा सकता है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।हाल के महीनों में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में तो एक महीने में तीन बार इजाफा हुआ है। अप्रैल में ही महानगरों में इसकी कीमत 196 से 218 रुपये तक बढ़ गई थी, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ गई है।नए नियमों के तहत LPG बुकिंग के ‘लॉक-इन पीरियड’ में बदलाव संभव है, जो फिलहाल 25 दिन का है।

इसके अलावा OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है, ताकि गैस के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात के बावजूद घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह जारी है। ऑनलाइन बुकिंग का दायरा 98 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि OTP आधारित डिलीवरी 94 प्रतिशत तक लागू हो चुकी है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के अनुसार, कमर्शियल गैस की सप्लाई में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम सिलेंडर की आपूर्ति भी दोगुनी कर दी गई है। सरकार अब बड़े शहरों में LPG से PNG की ओर शिफ्ट को भी बढ़ावा दे रही है। इसके लिए उपभोक्ताओं को सिटी गैस कंपनियों के जरिए आवेदन करने की सुविधा दी गई है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए eKYC अनिवार्य कर दिया गया है। स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में LPG से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और नए नियमों के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत होगी, क्योंकि रसोई गैस अब सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि रणनीतिक संसाधन बनती जा रही है।

















