मुजफ्फरपुर, 26 अप्रैल (संतोष गुप्ता) उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए जारी आदेश यहां दम तोड़ता नजर आ रहा है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय और इसके अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में लोकभवन के सख्त निर्देश के बावजूद पांच महीने बाद भी अनुपालन नहीं हुआ है। हालात ऐसे हैं कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अब तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं है कि शिक्षक कक्षाओं में क्या पढ़ा रहे हैं। दरअसल, लोकभवन ने दिसंबर में ही आदेश जारी कर विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया था कि सभी पीजी विभागों और कॉलेजों में संचालित कक्षाओं की दैनिक विवरणी, शिक्षकों के नाम और विषयवार जानकारी प्रतिदिन वेबसाइट पर अपलोड की जाए।

लेकिन आदेश के इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हाल ही में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने सभी संकाय डीन, पीजी विभागाध्यक्षों और कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर आवश्यक जानकारी मांगी है। इसमें शिक्षकों का क्लास रूटीन, मास्टर रूटीन, विषयवार समय-सारणी, उपस्थिति और आने-जाने का समय तक शामिल है। साथ ही यह भी कहा गया है कि प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले विषय और टॉपिक की जानकारी भी साझा की जाए।लेकिन हैरानी की बात यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद भी अधिकांश पीजी विभागों और कॉलेजों ने अब तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।

इससे शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल पत्र जारी कर औपचारिकता पूरी कर ली है, लेकिन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अब तक किसी विभाग या कॉलेज से स्पष्टीकरण तक नहीं मांगा गया है।इस पूरे मामले पर रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों से जानकारी मांगी गई है, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक सख्ती दिखाता है और छात्रों को पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था मिल पाती है या नहीं।
















