पटना, 26 अप्रैल (पटना डेस्क) भीषण गर्मी से झुलस रहे बिहार में रविवार को मौसम ने अचानक ऐसा पलटा मारा कि लोगों को जहां एक ओर राहत मिली, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में आफत भी टूट पड़ी। राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सुपौल, रक्सौल और मधुबनी समेत करीब 10 जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि 18 जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।

दरभंगा में दोपहर के समय ही आसमान काले बादलों से ढक गया और अंधेरा छा गया। किशनगंज में तेज आंधी और बारिश के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कई स्थानों पर तेज हवाओं से पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कटिहार में भी आंधी-बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।सुपौल में देर रात हुई ओलावृष्टि ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। कई घरों की एस्बेस्टस छतें टूट गईं, जबकि कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। राजधानी पटना में दिनभर धूल भरी तेज हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण ‘काल बैसाखी’ जैसी स्थिति बन रही है, जिससे राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। हालांकि, राहत के बीच चिंता भी बरकरार है, क्योंकि पिछले 24 घंटे में 11 जिलों का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। रोहतास 44.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है।मौसम वैज्ञानिकों ने 27 और 28 अप्रैल को पूरे बिहार में खराब मौसम की चेतावनी दी है। पटना, भागलपुर और गया समेत कई जिलों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। वहीं 29 अप्रैल से 1 मई के बीच हल्की बारिश और बूंदाबांदी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

















