नई दिल्ली, 26 अप्रैल (अशोक “अश्क”) कोविड काल में रोके गए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) के एरियर का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इन रुकी हुई किस्तों का भुगतान संभव नहीं है। सरकार के इस रुख से उन कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है, जो पिछले कई वर्षों से 18 महीने के बकाया DA/DR की उम्मीद लगाए बैठे थे। कर्मचारी संगठनों ने लगातार छह साल तक इस मुद्दे को उठाया, लेकिन हर बार सरकार ने वित्तीय कारणों का हवाला देकर इसे खारिज कर दिया।

दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने आर्थिक दबाव को देखते हुए DA/DR की तीन किस्तों 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 को फ्रीज कर दिया था। COVID-19 के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा और सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं व कल्याणकारी योजनाओं पर बड़े पैमाने पर खर्च करना पड़ा। इसी वजह से यह फैसला लिया गया था।वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 15 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि महामारी का असर केवल एक वर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसके बाद भी वित्तीय दबाव बना रहा। ऐसे में सरकार के लिए इन बकाया किस्तों का भुगतान करना व्यावहारिक नहीं माना गया।

यह जवाब उस आवेदन के संदर्भ में दिया गया, जिसमें एक रक्षा मान्यता प्राप्त संगठन ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के एक फैसले का हवाला देते हुए एरियर जारी करने की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने अपने जवाब में साफ किया कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह संभव नहीं है।इस फैसले से साफ हो गया है कि फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स को किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों की ओर से इस मुद्दे को लेकर दबाव जारी है और आने वाले समय में यह मामला फिर गरमा सकता है। फिलहाल, सरकार के इस फैसले ने लाखों परिवारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

















