पटना, 18 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) बिहार की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी तूफान देखने को मिला, जब जन सुराज पार्टी ने नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, उसी नीतीश कुमार को महज 6 महीने के भीतर सत्ता से बाहर कर दिया गया, जो जनता के साथ “बड़ा विश्वासघात” है।

मनोज भारती ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार के आधे से ज्यादा जिलों में सरकारी कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे सरकारी खजाने की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने नए मुख्यमंत्री की योग्यता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “ज्ञान की धरती बिहार में आज ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री है, जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तक स्पष्ट नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गृह मंत्री रहते हुए सम्राट चौधरी के कार्यकाल में लगातार दुष्कर्म, हत्या और अपराध की घटनाएं बढ़ती रहीं।
a की घटनाओं को सरकार की विफलता बताया। नीट छात्रा मामले को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “नए मुख्यमंत्री बनते ही आरोपी को बेल मिल गई, इससे सरकार की मंशा साफ दिखती है।”

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने प्रेस वार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री पर पहले भी जालसाजी और गलत जानकारी देने के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 1999 में तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान के आदेश पर उन्हें मंत्री पद से हटाया गया था और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। कुमार सौरव ने कहा कि “राजभवन के दस्तावेज बताते हैं कि उन्होंने अपनी उम्र, नाम और जन्मतिथि में गड़बड़ी की थी।”

उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान सहयोग नहीं करने के आरोप भी सामने आए थे। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के हवाले से पार्टी नेताओं ने कहा कि यह सवाल सिर्फ बिहार सरकार से नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भी है कि ऐसे आरोपों के बावजूद नेतृत्व क्यों सौंपा गया।प्रेस वार्ता में पद्मा ओझा, तारीक चंपारणी और रेखा गुप्ता सहित कई नेता मौजूद रहे। इस बयानबाजी के बाद बिहार की सियासत में नया घमासान तय माना जा रहा है।














