पटना, 18 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में शराबबंदी पर जारी विवादों के बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को हुई इस मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार की मांग की और कहा कि अब इसे हटाया जाए। उनका कहना था कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद लोग अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे हैं, और यह व्यवस्था न केवल प्रभावी नहीं है, बल्कि इससे संबंधित अपराध भी बढ़े हैं।

अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री से मोकामा में अस्पताल की स्थापना की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है और एक अस्पताल की आवश्यकता है। इसके साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह चुनाव शायद आखिरी होगा, और वे भविष्य में चुनावी राजनीति से बाहर जाने का मन बना चुके हैं। शराबबंदी की नीति पर बोलते हुए अनंत सिंह ने कहा, “जब बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी, तब मैंने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। लोग अवैध रूप से शराब पी रहे हैं, और इसे रोकने के लिए सरकार को नये उपायों की आवश्यकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में शराब पीकर लोग उत्पात मचाते हैं, जो समाज के लिए घातक है। अनंत सिंह ने सरकार से यह भी मांग की कि शराबबंदी हटाने के साथ-साथ सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते पकड़ा जाए तो उसे सीधे जेल भेजा जा सके। उनका मानना है कि सड़कों पर शराब पीने से समाज में गलत संदेश जाता है, और यह स्थिति बदतर हो रही है।

अनंत सिंह से पहले, RLM विधायक माधव आनंद ने भी शराबबंदी की समीक्षा करने की मांग की थी। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और क्या शराबबंदी नीति में कोई बदलाव होता है।

















