पटना, 01 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार अब विकास के नए आसमान को छूने जा रहा है। सड़क निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य में ऐसी हाईटेक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जहां जरूरत पड़ने पर हवाई जहाज और लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में तीन प्रमुख सड़कों पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) यानी ‘हाईवे रनवे’ बनाने की योजना तैयार की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, पटना से पूर्णिया के बीच बनने वाले 245 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे में इस सुविधा का विशेष प्रावधान किया गया है, जिस पर करीब 18,242 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित 420 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे में भी ELF सुविधा विकसित की जाएगी, जिसकी लागत लगभग 23,434 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा रामजानकी मार्ग पर सीतामढ़ी के आगे भिट्ठामोड़ से नरहिया तक भी सड़क रनवे का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारतीय वायुसेना के सहयोग से विकसित करेगा, ताकि युद्ध या आपातकालीन हालात में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सके। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे रनवे के लिए सड़क का हिस्सा पूरी तरह सीधा, मजबूत और समतल होना जरूरी होता है। यहां बिजली के खंभे, मोबाइल टॉवर या किसी भी तरह की बाधा नहीं होगी। साथ ही, पोर्टेबल लाइटिंग और हटाने योग्य डिवाइडर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। गौरतलब है कि भारत में पहली बार 2015 में उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेस-वे पर फाइटर जेट की सफल लैंडिंग कराई गई थी। अब बिहार में यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि देश की रक्षा तैयारियों को भी नई मजबूती देगी।














