मुजफ्फरपुर, 30 अप्रैल (संतोष गुप्ता) लगातार हो रहे सड़क हादसों और जाम की विकराल समस्या से जूझ रहे सदातपुर चौराहे के लिए अब राहत की बड़ी खबर सामने आई है। मुजफ्फरपुर-मोतिहारी एनएच पर स्थित इस खतरनाक जंक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा तैयार डीपीआर को मुख्यालय से हरी झंडी मिल चुकी है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अंडरपास का निर्माण नवनिर्मित मुजफ्फरपुर-हाजीपुर बाइपास को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे यातायात का दबाव कम हो सके।

दरअसल, हाजीपुर की ओर से आने वाले वाहन सीधे मोतिहारी एनएच में मिलते हैं, जिससे सदातपुर चौराहा एक व्यस्त जंक्शन प्वाइंट बन गया है। दरभंगा, सीतामढ़ी और समस्तीपुर की ओर से भी भारी ट्रैफिक के कारण यहां अक्सर अफरातफरी की स्थिति बनी रहती है। यही वजह है कि सड़क सुरक्षा समिति ने इस स्थान को ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया था। जिला प्रशासन से भी इस परियोजना को पूर्व में स्वीकृति मिल चुकी थी। इसके बाद एनएचएआइ के अभियंताओं ने विस्तृत सर्वेक्षण कर डीपीआर तैयार की और मुख्यालय को भेजा। स्वीकृति मिलने के बाद अब इस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ेगा।

अंडरपास का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि नया बाइपास जहां समाप्त होता है, वहीं से यह शुरू होकर मोतिहारी-दरभंगा एनएच से जुड़ जाएगा। इससे ट्रैफिक का प्रवाह सुचारु होगा और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक वर्ष में इस चौराहे पर 20 से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें तीन लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए। इसके अलावा यहां अक्सर जाम की समस्या भी बनी रहती है, खासकर शादी-विवाह के मौसम में जब वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।फिलहाल चौराहे पर स्पीड ब्रेकर सहित अन्य अस्थायी उपाय किए गए हैं, लेकिन स्थायी समाधान के रूप में अंडरपास निर्माण को ही सबसे कारगर माना जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि इसके बनते ही न सिर्फ जाम से राहत मिलेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।













