बक्सर, 06 जुलाई (विक्रांत) बिहार के शाहाबाद क्षेत्र को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों में फंस गई है। पुराना भोजपुर से आशा पड़री, नियाजीपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के बलिया जिले स्थित जनेश्वर मिश्र सेतु तक लगभग 15 से 20 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण की केंद्रीय योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। इससे क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों में निराशा है, जबकि जनप्रतिनिधियों ने परियोजना को फिर से गति दिलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

मूल योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-120 को बिहारशरीफ, राजगीर, गया, दाउदनगर, नासरीगंज, बिक्रमगंज और नावानगर होते हुए डुमरांव तक विस्तारित कर जनेश्वर मिश्र सेतु के जरिए उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से जोड़ने की तैयारी थी। इस परियोजना से आरा-बक्सर फोरलेन और बलिया के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने के साथ भारी वाहनों का दबाव कम होने तथा कृषि और डेयरी उत्पादों के व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद थी।करीब दो वर्ष पहले एनएच-120 पथ प्रमंडल, गया ने पुराना भोजपुर के समीप एनएच-120 और एनएच-922 के अत्याधुनिक जंक्शन के निर्माण तथा सड़क को लगभग 10 मीटर चौड़ा करने की कार्ययोजना तैयार की थी।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी मुंबई की एक कंसल्टेंट एजेंसी को सौंपी गई थी, जिसने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मार्ग का सर्वेक्षण भी किया था।हालांकि सर्वे के दौरान यह सामने आया कि सरकारी अभिलेखों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद पुराना भोजपुर और नियाजीपुर जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कठिनाई आ रही है। एनएच-120 पथ प्रमंडल, गया के कार्यपालक अभियंता इंद्रजीत आर्य ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-120 के विस्तारित हिस्से के रूप में अंतिम अधिसूचना नहीं मिलने के कारण केंद्रीय निधि से चौड़ीकरण संभव नहीं हो पा रहा है। विभाग इस तकनीकी बाधा को दूर कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। वहीं सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मार्ग को एनएच-120 से जोड़ने और चौड़ीकरण की मांग पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष उठाई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर मामला फिर से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।













