मुजफ्फरपुर, 22 जून (संतोष गुप्ता) बिहार शहरी परिवर्तन कार्यक्रम के तहत मुजफ्फरपुर को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल तेज हो गई है। विश्व बैंक की टीम ने रविवार को नगर निगम और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के साथ शहर की विभिन्न प्रस्तावित विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान लेकफ्रंट, रिवरफ्रंट और सेटेलाइट टाउनशिप जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की संभावनाओं का आकलन कर शहर के भविष्य के विकास की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

निरीक्षण की शुरुआत सिकंदरपुर लेकफ्रंट से हुई। टीम ने लेक-1 के समीप प्रस्तावित छोटे वाटर पार्क, लेक-2 के मध्य आधुनिक एक्वेरियम, धोबी घाट के पास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आवासीय परिसर, मरीन ड्राइव के निकट वाटर फाउंटेन और लेजर शो सहित कई योजनाओं का जायजा लिया। इसके अलावा झील के जल संरक्षण के लिए वाटर एरेटर तथा करबला रोड पर आर्च ब्रिज निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसके बाद टीम ने लकड़ीढाही पुल से दादर पुल तक बूढ़ी गंडक नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रस्तावित रिवरफ्रंट परियोजना की व्यवहार्यता पर चर्चा की। वहीं, प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र का भ्रमण कर भूमि की उपलब्धता, वर्तमान स्थिति और विकास की संभावनाओं की समीक्षा की गई।

नगर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रबंध निदेशक ऋतुराज प्रताप सिंह ने कहा कि लेकफ्रंट, रिवरफ्रंट और सेटेलाइट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं मुजफ्फरपुर के समग्र विकास को नई दिशा देंगी। इनके पूरा होने से आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त स्वरा, सिटी मैनेजर रितेश कुमार, वरीय प्रबंधक (तकनीकी) प्रेम देव शर्मा, मैनेजर शशांक झा, सुभाष पंडित सहित नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी के कई अधिकारी मौजूद रहे।गौरतलब है कि बिहार शहरी परिवर्तन कार्यक्रम को विश्व बैंक की लगभग 4,740 करोड़ रुपये की सहायता से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता सेवाओं में सुधार लाना तथा बढ़ते शहरीकरण के दबाव को कम करने के लिए ग्रीनफील्ड एवं सेटेलाइट टाउनशिप का विकास करना है।














