नालन्दा, 22 जून (अविनाश पांडेय) आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में रविवार की शाम हिलसा थाना परिसर में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने की। बैठक में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर पर्व के सफल आयोजन को लेकर अपने सुझाव दिए। बैठक के दौरान मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया जुलूस, सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

एसडीओ अमित कुमार पटेल ने उपस्थित लोगों से शांति और सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ताजिया जुलूस केवल पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ही निकाला जाएगा और निर्धारित नियमों का हर हाल में पालन करना होगा।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जुलूस के दौरान तलवार, भाला अथवा किसी भी प्रकार के नुकीले हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई।

एसडीओ ने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। किसी भी प्रकार का भ्रामक, आपत्तिजनक या तनाव फैलाने वाला पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि 26 एवं 27 जून को मुहर्रम पर्व मनाया जाएगा। ताजिया जुलूस निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए 20 व्यक्तियों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा करने होंगे। बिना लाइसेंस जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में नगर परिषद को जुलूस मार्ग की साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा बिजली विभाग को ढीले और झूलते विद्युत तारों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। विधायक कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, बीडीओ अमर कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रशासन ने भरोसा जताया कि सभी समुदायों के सहयोग से मुहर्रम पर्व शांति, सुरक्षा और भाईचारे के वातावरण में संपन्न होगा।














